केवाईएस ने जंतर - मंतर पर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में लिया हिस्सा KYS participated in Jantar-Mantar demonstration against CAA



  • सैकड़ों को जंतर-मंतर से मार्च निकालने से रोका गया, लिया गया हिरासत में
  • केवाईएस ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई
  • दंगा और हिंसा भड़काने वाले भाजपा नेताओं और दंगाइयों का साथ देने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार करने की भी उठाई मांग



                                                                  विशेष संवाददाता

नई दिल्ली । क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) कार्यकर्ताओं ने आज अन्य प्रगतिशील संगठनों के साथ मिलकर यंग इंडिया को-ओर्डिनेशन कमिटी द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में हिस्सेदारी निभाई।  इससे पहले सैकड़ों लोगों को रामलीला मैदान से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने से रोका गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। लोगों को लेने के बावजूद एक बड़ी संख्या ने जंतर-मंतर पहुँचकर सीएए-एनआरसी-एनपीआर और दिल्ली में हालिया दंगों के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सेदारी निभाई।

ज्ञात हो कि उत्तर-पूर्व दिल्ली में बीते दिनों में भाजपा नेताओं के भड़काऊ भाषणों के कारण सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी और अब तक सांप्रदायिक दंगों में करीब 45 लोगों की मौत हो चुकी है।  केवाईएस सामप्रदयिक हिंसा भड़काने और लोगों की हत्या के जिम्मेदार लोगों की कड़ी भर्त्सना करता और उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग करता है। साथ ही, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मियों की भी भर्त्सना करता है जो सामप्रदयिक भीड़ के साथ लोगों पर पत्थर फेंकने और उन्मादी भीड़ के साथ खड़े रहने के दोषी हैं।

ज्ञात हो कि पिछले 2 महीनों से दिल्ली और देश के विभिन्न शहरों में विभाजनकारी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ धरना-प्रदर्शन चल रहे हैं। यह कानून सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के खिलाफ भेदभाव करता है। दिल्ली में इन प्रदर्शनों को महिलाएं नेतृत्व दे रही हैं और बिलकुल शांतिपूर्ण ढंग से यह प्रदर्शन हो रहे हैं। मगर, भाजपा नेता और उनके द्वारा पाले जाने वाली सांप्रदायिक ताकतें लगातार इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को खत्म करने की कोशिश करते रहे हैं। 23 फरवरी को भी भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे और नफरत की राजनीति को आगे बढ़ाते हुए, एक इलाकाई नेता ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को जबरदस्ती हटाने का खुला ऐलान किया गया था। उसके साथ मौजूद सांप्रदायिक भीड़ जिसके पास लाठियाँ और ईटें थीं, उन्हें पुलिस ने तमाम जगहों पर दंगे भड़काने की खुली छूट दी। इसके बाद हुई खूनी हिंसा में बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक दोनों समुदायों के मेहनतकश लोगों की हत्या हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।

केवाईएस केन्द्रीय गृह मंत्री, अमित शाह का दंगे न रुकवाने के लिए इस्तीफे की मांग करता है। केवाईएस इस मामले में कदम उठाने में देरी की भी कड़ी भर्त्सना करता है जिनकी मिलीभगत के कारण ही इन दंगों ने इतना विकराल रूप लिया, साथ ही उन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने और कड़ा कदम उठाने की मांग करता है। केवाईएस आने वाले दिनों में सीएए-एनपीआर-एनआरसी के खिलाफ साझे संघर्ष को मजबूत करने का संकल्प लेता है और साथ ही सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अपनी मुहिम तेज करने का ऐलान करता है।



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