सीएए और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ मानव शृंखला में केवाईएस ने निभाई हिस्सेदारी KYS plays stake in human chain against CAA and proposed NRC






  • शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को जबरन हिरासत में लिए जाने पर केवाईएस ने की कड़ी निंदा
  • जामिया के छात्रों पर हुए हमले की भर्त्सना करने के साथ दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की 


विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली। क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) कार्यकर्ताओं ने आज अन्य संगठनों के साथ मिलकर नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ आयोजित मानव शृंखल में हिस्सेदारी निभाई। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर राजघाट से दिल्ली गेट तक मानव शृंखला का आयोजन किया गया था। परंतु मानव शृंखला में योगदान करने आये प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बलपूर्वक जगह-जगह पर रोका। रिपोर्टों के अनुसार सैंकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और लोगों को मानव शृंखला बनाने से रोका। यह दुखद बात है कि कौमी एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए आयोजित इस कार्यक्रम को रोका गया, जबकि जामिया मिलिया में एकत्रित हुए छात्रों पर पुलिस के सामने गोली चलाई गई। इस घटना में एक छात्र गंभीर रूप से घायल हुआ है।

केवाईएस सीएए कानून और प्रस्तावित एनआरसी की कड़ी भर्त्सना करता है, साथ ही, वो सीएए कानून के खिलाफ उत्तर प्रदेश और देश के अलग-अलग इलाकों में हो रहे प्रदर्शन के खिलाफ राज्य सरकारों की बर्बरता की कड़ी भर्त्सना करता है। सत्तारूढ़ पार्टी बिना किसी दंड के भय के घृणा और हिंसा को फैला रही है, जबकि साधारण प्रदर्शनकारियों से पुलिस अभद्र व्यवहार करने के साथ बल का प्रयोग भी कर रही है। गोडसे जैसे नफरत फैलाने वालों को प्रोत्साहित करने वाले लोग अब एक ओर गांधी का नाम ले रहे हैं तो दूसरी ओर सांप्रदायिकता के जहर को फैला रहे हैं। वर्तमान में चल रहे दिल्ली के चुनाव प्रचार में भाजपा के कार्यकर्ता मुस्लिमों और सीएए के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के बारे में झूठ फैला कर एक गलत धारणा बनाने में जुटे है। इसको एक अघोषित आपातकाल कहा जा सकता है जहां सरकार लोगों पर बदले की भावना से लैस होकर लोगों पर हमला कर रही हैद्य
एक धार्मिक संप्रदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाले नागरिकता संशोधन कानून को भाजपा सरकार खुलेआम सही बता रही है, जिसकी पूरे विश्व में इसकी निंदा हो रही है। प्रदर्शनकारियों को विरोध जताने से जबरन रोकने वाले दिल्ली पुलिस के क्रूर बर्ताव की क्रांतिकारी युवा संगठन कड़ी निंदा करता है। साथ में यह मांग भी उठाता है कि जामिया के छात्रों पर गोलियों से हमला करने वाले गुनाहगार को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और कानून के आधार पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।  


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