काव्य संध्या में कवियों ने कविताओं के जरिये उकेरे मौजूदा हालात In poetic evening, poets emulate the current situation through poems





                                                         सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 

गाजियाबाद। एसजी होम्स साहित्य मंच ने एसजी होम्स सोसाइटी वसुंधरा में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार और कवि डॉ. अशोक मधुप ने की। विशिष्ट अतिथि की भूमिका में रहे वरिष्ठ साहित्यकार बी.के.वर्मा शैदी और देश के जाने-माने कवि और पत्रकार डा. चेतन आनंद। एसजी होम्स साहित्य मंच के संयोजक कवि पीयूष कांति ने काव्य-संध्या का सुंदर संचालन किया। 

कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ। ममता लड़ीवाल ने अपनी मधुर वाणी में मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। इस अवसर पर डाॅ. मनोज कामदेव, मयंक राजेश, विनय विक्रम सिंह, नंदिनी श्रीवास्तव, उदय रस्तोगी, मुस्कान शर्मा, शोभा सचान, इंद्रजीत सुकुमार, पूनम सागर, दुर्गा प्रसाद शुक्ल जैसे देश के जाने-माने युवा कवि-कवयित्रियों ने  अपनी कविताओं, गीतों और गजलों से श्रोताओं का मन मोह लिया। कवि जे.पी. रावत, नरेश शर्मा, आलोक जवाहर, जोगिंदर सिंह, श्याम नारायण श्रीवास्तव, कीर्ति श्रीवास्तव, योगेश्वर शर्मा और के.सी. श्रीवास्तव ने भी शानदार काव्य पाठ किया। जहां विशिष्ट अतिथि डा. चेतन आनंद और श्री बी.के. वर्मा शैदी के काव्य पाठ पर पूरा सदन तालियों से गूंज उठा, वहीं कार्यक्रम के अध्यक्ष डा. अशोक मधुप ने अपनी कविताओं से कार्यक्रम में रंग जमा दिया।

सभी कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से देशभक्ति की अलख जगाई और देश के मौजूदा हालात पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही गीत के सशक्त हस्ताक्षर स्वर्गीय किशन सरोज के और साहित्य मंच के सदस्य कवि डा. अनिल के पिताजी स्वर्गीय महीपाल सिंह के निधन पर शोक भी व्यक्त किया गया। सभी ने एक मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोसायटी के सचिव आलोक जवाहर ने कार्यक्रम के अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और सोसायटी के अध्यक्ष आर.के. अग्रवाल एवं आयोजनकर्ताओं जितेन्द्र खुराना, प्रदीप चैबे, अंकुर श्रीवास्तव, सिद्धिनाथ मिश्रा, भारत बिष्ट, राजीव राजपूत समेत एसजी होम्स साहित्य मंच के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। राष्ट्र गान और भारत माता की जय के नारों के साथ काव्य संध्या का समाप्त हुआ।



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