हेलमेट निर्माताओं ने दिया गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर Helmet manufacturers emphasize on increasing quality



          

                                             सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो  

साहिबाबाद। ऑल इंडिया टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन  की कार्यकारिणी सभा कौशांबी स्थित एक होटल में हुई। बैठक के दौरान हेलमेट निर्माताओं ने हेलमेट की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर सड़कों पर बिक रहे नकली हेलमेट के खिलाफ अभियान चलाने की भी मांग हुई।
        
जानकारी के अनुसार ऑल इंडिया टू व्हीलर हेलमेट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन की कार्यकारिणी की एक सभा कौशांबी स्थित एक होटल में हुई जिसमें नई कार्यकारिणी का भी गठन हुआ। इस अवसर पर निर्माताओं के सामने आने वाली समस्याओं पर भी विचार विमर्श हुआ। संस्था के अध्यक्ष चरणजीत बरेजा और सचिव पुष्पेंद्र वशिष्ठ ने यह जोर देकर कहा कि उन्हें हर हालत में सरकार द्वारा तय किए गए मानक के हिसाब से अपने हेलमेट की गुणवत्ता रखनी है। क्योंकि यह हेलमेट पहनने वाले की जिंदगी से जुड़ा हुआ मसला है। क्वांटिटी के स्थान पर क्वालिटी पर ही हमें ध्यान देना है। इस अवसर पर संस्था के कोषाध्यक्ष भारत भूषण ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। नई कार्यकारिणी का गठन किया जिसमें यह प्रश्न आया कि जब पुरानी कार कार्यकारिणी अच्छा काम कर रही है तो क्यों ना उसे अगले वर्ष का भी दायित्व दे दिया जाए। इस पर सबकी सहमति बन गई । इस तरह पुराने पदाधिकारियों को नए वित्त वर्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है ।
       
इस अवसर पर दो लोगों को कार्यकारिणी की सदस्यता प्रदान की गई । इस अवसर पर कार्यकारिणी के सदस्य रामानंद गुप्ता,भारत भूषण, गुड्डू, संजय गुप्ता, गोविंद डवराल, विनोद नाव्याल, अभिषेक, सत्येंद्र सिंह यादव, हरकेश कुमार ,नवीन, अशोक कुमार ,टार्जन शर्मा , अंजू चैहान,राहुल राज, राहुल यादव, मोहित गुप्ता, विजय कुमार, संजय कुमार, राकेश, तनवीर आलम, सुरेश चंद गुप्ता, प्रवीण छाबड़ा, संजय गुप्ता, पुनीत अरोरा, रामचंद्र गुप्ता, सतीश चुग आदि उपस्थित थे।
    
उद्यमी धीरज कुमार ने नकली हेलमेट के बाजार में प्रचलन पर अपना सवाल उठाया तथा कार्यकारिणी से उन्होंने मांग की कि संस्था सड़क छाप हेलमेट  के खिलाफ अभियान चलाए। जो लोग ब्रांडेड कंपनियों के नकली रैपर लगाकर हेलमेट बेच रहे हैं उन्हें कानून के हवाले किया जाए। इस विषय पर संस्था के महासचिव ने आश्वासन दिया कि उनकी संस्था इस विषय में कार्यवाही करेगी।
         
संस्था के टेक्निकल एडवाइजर गोविंद डबराल ने इस अवसर पर हेलमेट बनाने की अनेक तकनीकी जानकारी सदस्यों को दी तथा बताया के आज हेलमेट निर्माता अपने मशीनें भी विदेशों को निर्यात कर रहे हैं और उनके हेलमेट वायुसेना नौसेना तथा नेवी में धड़ल्ले से प्रयोग किए जा रहे हैं। यह केवल गुणवत्ता का ही कमाल है और उन्हें अपने देश पर गर्व है।

फोटो कैप्शन- हेलमेट निर्माताओं की कार्यकारिणी सभा का दृश्य।



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