जेएनयू छात्रों ने राष्ट्रपति भवन की ओर किया कूच, पुलिस ने बल प्रयोग कर 50 को लिया हिरासत में JNU students traveled towards Rashtrapati Bhavan,




                                                      विशेष संवाददाता 


नयी दिल्ली ।  जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में नकाबपोशों द्वारा की गयी हिंसक घटना के विरोध में गुरुवार को यहां नागरिक मार्च निकाले जाने तथा छात्र प्रतिनिधियों की मानव संसाधन मंत्रालय के अधिकारी से कुलपति एम जगदीश कुमार को बर्खास्त किये जाने की मांग पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद राष्ट्रपति भवन की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया जिससे कई छात्र घायल हो गये और 50 से अधिक छात्रों को हिरारात में ले लिया गया।


इस बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने जेएनयू विवाद के परिप्रेक्ष्य में अपनी टिप्पणी में कहा कि कुलपति एम जगदीश कुमार फीस वृद्धि को लेकर सरकार के प्रस्ताव का क्रियान्वयन नहीं कर रहे हैं और उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए। 
इससे पूर्व जेएनयू छात्रों को बस में बैठाकर मंडी हाउस तक ले जाया गया।  कुल 10 बसों में छात्रों को ले जाया जा रहा है, जबकि कुछ छात्र अभी भी पैदल मार्च करने पर अड़े हैं।




दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी को चेतावनी दी है कि मंडी हाउस के पास धारा 144 लगी हुई है। छात्रों की ओर से लगातार नारेबाजी हो रही है, गाने गाए जा रहे हैं। लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी, डी राजा, बृंदा करात, प्रकाश करात के अलावा शरद यादव कई नेता भी छात्रों के प्रदर्शन में पहुंच गए हैं। मंडी हाउस पर काफी संख्या में छात्र और शिक्षक इकट्ठे हो गए हैं। ये मार्च अब यहां से रवाना होगा और एचआरडी मंत्रालय तक जाएगा। मार्च के दौरान छात्र लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। 


इधर एचआरडी मंत्रालय के पास छात्रों ने बीच सड़क पर ही मोर्च जमा दिया । पूरा सड़क छात्रों से भरा पड़ा था तो दूसरी तरफ मंत्रालय से पहले ही पुलिस ने बेरिकेट लगा कर छात्रों को रोक दिया था। छात्र वहीं सड़क पर ही अपना आंदोलन शुरू कर दिए थे। जगह - जगह छात्र टोलियां बना कर गीत गा रहे थें, सड़कों के बीच में नारे व श्लोगन लिख कर अपना विरोध व्यक्त कर रहे थे। पूरी सड़क पोस्टर, श्लोगन से अटा पड़ा था। जेएनयू के 8 छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल एचआरडी मंत्रालय मुलाकात करने पहुंचाया था। इसमें जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल थीं। एचआरडी मंत्रालय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जेएनयू की छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा कि जब तक वीसी नहीं हटा दिया जाता, तब तक कोई बात नहीं होगी। हम अभी तक जख्मी है। आईशी ने ऐलान किया कि हमलोग राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च कर रहे हैं, यदि मंत्रालय बात करना चाहता है, तो कैंपस में आ सकते हैं और हमारे हॉस्टल्स को देख सकते हैं।


इससे पूर्व हार्दिक पटेल ने छात्रों को संवोधित करते हुए कहा कि हमें अंतिम सांस तक अपनी लड़ाई जारी रखनी है। यह लड़ाई सिर्फ जूएनयू के फीस वृद्धि की नहीं, बल्कि सरकारी दमन, जेएनयू को आरएसएस में बदलने के खिलाफ और अगली पीढ़ी की भविष्य सुनिश्चित करने की लड़ाई है। 

इसी बीच आइशी घोष द्वारा राष्ट्रपति भवन के लिए मार्च की घोषणा के बाद छात्र वहां से वापस मूड कर मार्च शुरू कर दिए। कुछ दूर ही आगे बढ़े थे कि पुलिस और छज्ञत्रों के बीच नोकझोक शुरू हो गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए छात्रों को गिरफ्तार कर बसों में बैठानी शुरू कर दी



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