केवाईएस ने डूटा के कुलपति कार्यालय घेराव का किया समर्थन KYS supports DUTA Vice Chancellor's office siege



  • डीयू शिक्षकों के संघर्ष के साथ अपनी एकता व्यक्त की
  • नौकरियों में ठेकाकरण को खत्म करने की उठाई मांग!
  • ज्यादा संख्या में कॉलेज खोलने और शिक्षकों को स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई


नई दिल्ली । आज क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) कार्यकर्ताओं ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एड-हॉक शिक्षकों को नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) के विरोध प्रदर्शन और कुलपति घेराव का समर्थन किया।  केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की नौकरियों में भारी ठेकाकरण लाने की तैयारी में है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 2018 इन योजनाओं का परिणाम है। वर्तमान की राजनीति के अनुरूप डीयू प्रशासन भी एड-हॉक पदों को जारी रखते हुए शिक्षकों की नौकरी में भी ठेकाकरण लाने की फिराक में है।
ज्ञात हो कि मौजूदा भाजपा सरकार जनता की जरूरतों को दरकिनार करते हुए भारी मात्रा में सार्वजनिक उच्च-शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण लाने की योजना बना रही है, और साथ में शिक्षकों को भी प्रताड़ित कर रही है । ज्ञात हो कि शिक्षक सरकार की इन गलत नीतियों का पिछले काफी समय से विरोध कर रहे हैं और साथ ही अपनी नियुक्ति, समावेश और पदोन्नति की माँगों को भी उठाते रहे हैं। नौकरियों में ठेकाकरण के चलते न केवल सरकारी अनुदान से चलने वाले शिक्षण संस्थानों को खतरा है, बल्कि यह शिक्षक के भविष्य को भी खतरे में डालता है। शिक्षकों को स्थायी नौकरी न देने से आवश्यक पद भी नहीं भरे जायेंगे और कम शिक्षकों से ही ज्यादा काम कराया जायेगा। इससे पहले से ही विषम शिक्षक-छात्र अनुपात और भी ज्यादा खराब होगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रमशः सीटों और नौकरियों की कटौती के कारण विश्विद्यालयों तक पहुँच सिर्फ कुछ लोगों का विशेषाधिकार बन कर रह जाएगा। देखा जाए तो सरकार का ध्यान लोगों को मुक्त और दूरस्थ शिक्षा संस्थानों में भर्ती करना है, जिससे छात्रों को रेगुलर शिक्षा से वंचित किया जा सके। साथ ही, इस कारण भावी शिक्षकों को भी नौकरियाँ नहीं मिल रही हैं।
क्रांतिकारी युवा संगठन शिक्षकों की माँगों का समर्थन करता है और यह माँग उठाता है कि यह आंदोलन समाज के सबसे निचले तबके के छात्रों के लिए अधिक कॉलेज के माँगों को भी उठाए, जिससे अधिक शिक्षकों की भर्ती हो सकेगी और छात्रों को समान शिक्षा का अवसर मिल पाएगा। केवाईएस मौजूदा भाजपा सरकार की जन-विरोधी नीतियों के विरूद्ध डूटा के संघर्ष को साथ देता है और आने वाले समय में भी अपना समर्थन सुनिश्चित करता है।



Share on Google Plus

0 comments:

Post a comment