आत्महत्या के लिये पूरे परिवार को मजबूर करने वाला एक गिरफ्तार




                                          कारोबारी परिवार को आत्महत्या के लिये प्रेरित करने वाला आरोपी राकेश। 


इंदिरापुरम । थाना इंदिरापुरम पुलिस ने पूरे परिवार को आत्महत्या के लिये मजबूर करने वाले तथा मृतक कारोबारी के प्रापर्टी डीलर साढू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
      
गौर तलव है कि थाना इंदिरापुरम क्षेत्र में मंगलबार की भोर में वीभत्स एवं ह्रदय विदारक घटना ए-806 कृष्णा अपरा सफायर सोसाईटी में हुई थी जिसमें ग्रहस्वामी गुलशन उर्फ हरीश पुत्र नारायण दास ने अपनी पत्नी व कारोबार कर देख भाल करने वाली महिला के साथ लगातार कर्ज में डूबने के कारण अपने दो बच्चों की हत्या करने के बाद आठवीं मंजिल से कूद कर आत्म हत्या कर ली थी। एसएसपी सुधाीर कुमार सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में कारोबारी ने कर्ज में डूबोने के लिए जिम्मेदार उसके स्वंय के रिश्तेदार (साढू) राकेश वर्मा पुत्र हरभजन वर्मा निवासी 488 एक्सटेंशन-1 शालीमार गार्डन थाना साहिबाबाद जनपद गाजियाबाद को इस सामूहिक मौत के लिसे जिममेदार बताया था। राकेश वर्मा एक प्रोपर्टी डीलर है जिसने मृतक कारोबारी गुलशन उर्फ हरीश को छोटे भाई जैसे रिश्ते का हवाला देकर उसके करोड़ो रूपये हड़प लिये थे। इस धोखे बाजी के लिये कारोबारी गुलशन की करोडोें रुपये की प्रोपर्टी (कोठी) आदि को प्रापर्टी के खरीदने एवं बेचने के धंध्ेा में लगा दिया था। उसे बताया था कि इस धंधे में उसे मोटी कमाई होगी तथा अत्यधिक लाभ/किराया आदि में लाखों रुपये प्रतिमाह आमदनी के ख्वाब दिखाये गये। गुलषन ने करीब सवा करोड रुपये राकेश वर्मा के बहकावे में आकर प्रोपर्टी कारोबार में लगा दिये। राकेश वर्मा ने षडयंत्र के तहत अपनी माॅ फूला वर्मा से एक कोठी न0-106 शालीमार गार्डन क्षेत्रफल 200 वर्ग गज का एग्रीमेंट वर्ष-2015 में गुलशन को करा दिया गया था। इसके बाद वर्ष-2018 में उसकी कोठी को राकेश वर्मा व फूला वर्मा ने गुलशन के साथ धोखाधडी करते हुए एक करोड 49 लाख में इमरान अली पुत्र हसमत अली निवासी 64बी शालीमार गार्डन को एग्रीमेंट कर दी थी। गुलशन द्वारा राकेश वर्मा से अपने रुपये वापस करने की मांग की गयी तो राकश वर्मा द्वारा ब्लैंक चैक दिये गये जो बाउंस हो गये। राकेश के बहकावे में आकर मृतक गुलशन ने तमाम लोगों से पैसा लेकर राकेश वर्मा के कहने पर कारोबार में लगा दिया गया था।
        
उधर उधार दने बालों का गुलशन पर पैसा वापस करने का दबाब था। पैसा वापस न कर पाने की स्थिति में पूरा परिवार डिप्रेशन में आ गया था जिससे हताश होकर गुलशन ने अपने 15 वर्षीय पुत्र ऋतिक की चाकू से गला रेतकर हत्या की व पुत्री कृतिका का रस्सी से गला घोटकर हत्या कर अपनी पत्नी व मैनेजर के साथ ात्म हत्या कर ली थी। कारोबारी ने अपनी मृत्यु का जिम्मेदार राकेश वर्मा को ठहराते हुए सुसाइड नोट बैड रुम की दीवार पर काले मार्कर से लिखा कि हमारी मौत के राकेश वर्मा जिम्मेदार है और एग्रीमेंट की गयी दोनो प्रतिया भी दीवार पर सैलो टैप से चिपका दी थी। मौके से राकेश वर्मा द्वारा गुलशन व उसके परिवार को आत्महत्या के लिए मजबूर कर देने वाले पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
       
एसएसपी ने बतरया कि राकेश वर्मा एक शातिर किस्म का अपराधी है जो अपने नजदीकी लोगों को प्रोपर्टी के कारोबार में पैसा लगवाता है और कम समय में अधिक लाभ देने का लालच देता है। उसने पूछताछ में बताया कि उसने साढू गुलशन से प्रोपर्टी कारोबार में पैसा लगवाया था जिसमें गुलशन ने अपने अलावा अपने अन्य परिचितों से पैसा लेकर भी मेरे साथ प्रोपर्टी कारोबार में लगाया था। वह अधिक लोगों को तो नही जानता है पर प्रवीन बक्शी जो गुलशन का करीबी है उससे भी पैसे लेकर गुलशन ने प्रोपर्टी कारोबार में लगाये थे। प्रवीन बक्शी ने ही मुझे दबाव देकर चैको पर हस्ताक्षर कराये थे व 100/- रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कराया था। उस पर तथा मेरी माॅं फूला देवी के विरुद्ध थाना साहिबाबाद में अ0स0-1758/15 धारा 420/406/506 भादवि व अ0स0-1759/15 धारा 420/406/504/506 भादवि का अभियोग पंजीकृत कराया था।



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