बैंक में नकब लगाने वाले गिरफ्तार गैंग लीडर फरार absconding in bank



                नकबजनों के बारे में जानकारी देते सीओ डा.राकेश कुमार मिश्रा। 

                                                           सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो 
साहिबाबाद । थाना लिंक रोड पुलिस ने एक सशस्त्र मुठभेड़ के बाद तीन नकवजनों को मय हथियार व चोरी के उपकरणों के गिरफ््तार किया है। इस गिरोह ने गांव महाराजपुर के सामने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड कंपनी परिसर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चेस्ट शाखा  में सेंध लगाकर करोड़ों रुपए की कैश चोरी करने का असफल प्रयास किया था। इस गिरोह के दो लोगों को  गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस गिरोह का मास्टरमाइंड पुलिस के अभी हाथ नहीं लगा है।
            
सीओ साहिबाबाद डॉ राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 14 दिसंबर की रात को बीईएल कंपनी परिसर में स्थित एसबीआई की चेस्ट शाखा है। इस शाखा में सेंध लगाकर चोरी करने का प्रयास हुआ था, जिसे वहां तैनात गार्ड ने विफल कर दिया था। गार्ड द्वारा चलाई गई गोली से घबराए चोर भाग गए थे। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की गई तो इस गिरोह का पता चला।
      
मुखबिर की सूचना पर इंद्रप्रस्थ इंजीनियरिंग कॉलेज तिराहे के पास  पुलिस और बदमाशों की सशस्त्र मुठभेड़ हुई जिसमें इस गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरा बदमाश जो इस गिरोह का मास्टरमाइंड था वह फरार हो गया। गिरफ्तार चोरों के नाम राजेश उर्फ खन्ना पुत्र जगबीर बाल्मीकि निवासी ग्राम शेरपुर थाना बिल्सी जिला बदायूं तथा हरिओम सक्सेना पुत्र विनोद सक्सेना निवासी ग्राम बेलाताल थाना कुलपहाड़ जिला महोबा मध्य प्रदेश है। इनके फरार साथी का नाम सचिन उर्फ घोड़ी जाटव पुत्र कृष्ण चंद जाटव निवासी 295 गली चार काशीराम कॉलोनी गांव महाराजपुर जिला गाजियाबाद है। इस गिरोह से पुलिस ने नकब लगाने के सामान के अलावा 315 बोर के दो तमंचे कारतूस व खोखे  बरामद किए गए हैं।
       
पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह के सरगना सचिन उर्फ घोड़ी को जुआ खेलने का शौक है और वह जुए की लत के कारण भारी कर्जदार हो गया। उसने अपना कर्ज उतारने के लिसे एसबीआई की चेस्ट शाखा में नकबजनी की योजना बनायी थी। सचिन उर्फ घोड़ी ने कुछ समय पहले पासपोर्ट कार्यालय महाराज पुर में काम किया था। जिससे उसका आना-जाना एसबीआई बैंक की इस चेस्ट शाखा में लगा रहता था। उसी ने इस बैंक की रैकी की थी और पता लगाया था कि कहां कहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तथा किस तरह से चोरी की जा सकती है। उसने इस चोरी के लिए बाजार से नकबजनी के सामान कटर आदि इकट्ठे किए। इसी कटर से खिड़की की ग्रिल काटकर बैंक में उन्होंने प्रवेश किया था। उन्हें उम्मीद थी करीब 20 करोड़ उन्हें यहां से मिलेंगे। लेकिन अचानक ही खटपट की आवाज से वहां तैनात गार्ड सक्रिय हो गया और उसने हवाई फायर किया, जिससे वह डर के भाग गए थे। उन्होंने इस घटना से पहले सूर्य नगर के एक मकान में चोरी की थी जिससे 1लाख 50हजार रूपये मिले थे। बाद में दूसरी घटना ब्रिज विहार में की जिनसे मिले धन से बैंक में चोरी करने के लिए औजार खरीदे।
        
थाना अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने बताया कि नकबजनों के इस गिरोह के लीडर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं और जल्दी ही उसे कानून के हवाले किया जाएगा। 






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