लोक कला और संस्कृति राष्ट्र की एकता को मजबूत करती है Folk art and culture strengthen the unity of the nation



इंदिरापुरम, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो ) उत्तराखंड निवासियों द्वारा इंदिरापुरम में आयोजित महाकौथिग  महोत्सव  में पधारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड एवं पूर्वांचल के लोगों के लिए एक- एक भवन बनाने के अलावा गाजियाबाद की कई और विकास योजनाओं का लोकार्पण किया जिसमें हिंडन नदी पर एक और पुल तथा लोनी में अस्पताल शामिल है।
         
अपने उद्बोधन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय लोक कला और आध्यात्म देश को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बांधती है। देवभूमि उत्तराखंड को यूं ही देव भूमि नहीं कहा जाता, वहां से निकलने वाली गंगा और जमुना पूरे उत्तर भारत को अपनी जल धारा से सींचती हैं नहीं तो उत्तर भारत रेगिस्तान बन जाता। यहां की संस्कृति देने की है। उन्होंने कहा माहाकौथिग  महोत्सव उत्तराखंड के वासियों का एक प्रमुख उत्सव है जिसमें नंदा देवी और  ज्योतिर्लिंग की पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उत्तराखंड के निवासी दिल्ली एनसीआर में रह कर भी अपनी कला और संस्कृति को बचाने के लिये काम कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने कलाकारों से कहा के वे उत्तराखंडी सभ्यता और कला में पाश्चात्यत संगीत को नहीं आने दें। 

उन्होंने गाजियाबाद नगर निगम और जिला प्रशासन की काफी प्रशंसा की कि सफाई के मामले में गाजियाबाद पूरे देश में अव्वल आया है और स्वच्छता की भावना में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के निवासियों को अपने सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों करने के लिए सरकार बहुत जल्दी ही उत्तराखंड भवन बना कर देगी तथा पूर्वांचल के निवासियों को पूर्वांचल भवन। उनकी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक आयोजनों को करने का स्थान होगा। अन्य लोगों के लिए कैलाश मानसरोवर उपवन बनाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद की कि जल्दी ही दोनों भवन बनकर तैयार होंगे। एक मांग के जवाब में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रमुख उत्सव महाकौथिग को उत्तर प्रदेश राज्य का त्यौहार बनाने की घोषणा जल्दी करेंगे।
          
इस अवसर पर स्थानीय सांसद एवं पूर्व जनरल वीके सिंह केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री अजय टमटा, उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक सुनील शर्मा महापौर आशा शर्मा ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर उत्तर प्रदेश के मंत्री अतुल गर्ग विधायक  नंदकिशोर गुर्जर अजय पाल त्यागी के अलावा समारोह की संस्थापक अध्यक्ष कल्पना चैहान, पार्षद अनिल राणा, नरेंद्र सिंह बिष्ट, अध्यक्ष जगत सिंह रावत आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।
           
समारोह की शुरूआत में लोक कलाकारों ने उत्तराखंड का प्रमुख मंगल गीत गाया तथा नंदा देवी की  डोली की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई। समारोह में उत्तराखंड के उत्पाद व्यंजन और विभिन्न तरह की कला और संस्कृतियों का स्टाल लगाए गए थे। समारोह का आज तीसरा दिन था और 25 दिसंबर को समापन होगा।




Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment