जाने-माने कथक पंडित राजेन्द्र कुमार गंगानी द्वारा एक मोहक नृत्य कार्यक्रम का आयोजन Organizing a captivating dance program by Pandit Rajendra Kumar Gangani, a well known Kathak



गज़ियाबाद, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो )   सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, वसुंधरा ने 10 अक्टूबर  को स्पिक मैके के सहयोग से जाने-माने कथक गुरू पंडित राजेन्द्र कुमार गंगानी द्वारा एक मोहक नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया। संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार विजेता पंडित गंगानी ने अपने परफोर्मेन्स से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपनी टीम- श्री किशोर गंगानी और श्री विनोद गंगानी के साथ खूबसूरत कथक नृत्य एवं मुद्राओं का प्रदर्शन कि या। श्री रवि शर्मा उनके साथ सितार पर थे।

कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथ पंडित राजेन्द्र गंगानी द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। प्रिंसिपल एवं डायरेक्टर श्रीमति मंजू राना ने अपने स्वागत संबोधन केे दौरान शिक्षा में कला एवं संगीत के महत्व पर ज़ोर दिया तथा आज के युवाओं को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने के लिए स्पिक मैके के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास छात्रों को जाने-माने कलाकारों से मिलने तथा देश की समृद्ध शास्त्रीय कला के धरोहर को जानने का अवसर प्रदान करते हैं।

इस मौके पर श्री विनोद मल्होत्रा, सीनियर कन्सलटेन्ट एवं अडवाइज़र, जयपुरिया ग्रुप आॅफ इन्सटीट्यूशन्स तथा डाॅ देविन्दर नारंग, डायरेक्टर, जयपुरिया इन्सटीट्यूट आॅफ मैनेजमेन्ट भी मौजूद थे। कार्यक्रम में आस-पास के स्कूलों से 50 बच्चों और उनके नृत्य अध्यापकों ने भी हिस्सा लिया।

पंडित गंगानी पंडित कुंदनलाल गंगवानी के शिष्य हैं जो जयपुरिया स्कूल में हुए आदर-सत्कार से अभिभूत हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे जयपुर के रजवाड़ों की तरह उनका स्वागत किया जा रहा है। उन्होंने प्रिंसिपल एवं डायरेक्टर मैडम के नेतृत्व में छात्रों एवं स्टाॅफ के प्रयासों की सराहना की। पंडित गंगानी ने छात्रों को बता या कि शास्त्रीय कला उनकी कल्पना को साकार रूप दे सकती है। उन्होंने आज की मल्टी-टास्किंग की दुनिया में कला के महत्व पर रोशनी डाली। छात्र भी परम्परा ओर रचनात्मकता के इस अद्भुत संयोजन से मंत्रमुग्ध हो गए। दर्शक तो जैसे कथक की अनूठी दुनिया के रोमांच में कहीं खो गए थे; ताल, सुर, चेहरे के भावों और अभिव्यक्तियों के संयोजन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। मनमोहक दिन का समापन पंडित गंगानी के प्रति आभार के साथ हुआ। श्री विनोद मल्होत्रा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और पिछले सालों के दौरान कथक के जयपुर एवं बनारस घरानों में कथक के रोचक अनुभवों कोे साझा किया।




Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment