अमृतसर ट्रेन हादसे को लेकर अमरिंदर सरकार विपक्ष के निशाने पर Amarinder government targets Amritsar train accident



अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे ने शुक्रवार को राजनीतिक रंग ले लिया। विपक्ष ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर रेलवे पटरी के निकट समारोह की अनुमति देने में खामियों का आरोप लगाया। पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी पर भी घटना के बाद मौके से तुरन्त चले जाने के आरोप लगे हैं। इस समारोह की मुख्य अतिथि नवजोत कौर सिद्धू ने बाद में उस अस्पताल में मीडिया से बात की जहां घायलों को ले जाया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि घायलों को समुचित इलाज मिले।



नवजोत कौर सिद्धू ने कहा, ‘‘रावण का पुतला जला दिया गया था और मैं वहां से निकली ही थी कि यह हादसा हुआ। प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि घायलों को इलाज मिले।’’ उन्होंने लोगों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने से बचने की सलाह दी।

केन्द्रीय मंत्री और अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अमृतसर ट्रेन हादसे में कई निर्दोष लोगों की जान जाने के संबंध में शोक व्यक्त करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं। हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के साथ मेरी गहरी संवेदना है। इस घटना की जांच होनी चाहिए क्योंकि इससे प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हुए है।’’ 



भाजपा नेता और केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि यह एक त्रासदी थी जिसे टाला जा सकता था। अकाली दल के अन्य नेता बिक्रम मजीठिया ने कहा कि ट्रेन दुर्घटना की दुर्भाग्यपूर्ण खबर सुनकर वह दुखी हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिना किसी उचित मंजूरी के रेल पटरियों के निकट कांग्रेस द्वारा दशहरा आयोजित कराया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जिम्मेदारी तय करने और दोषियों को दंड़ित करने के लिए इस घटना की उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की। उनके पुत्र और पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में सुनकर बहुत दुखी हैं। अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर के निकट शुक्रवार शाम रावण दहन देखने के लिए रेल की पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 52 लोगों की मौत हो गई जबकि 72 अन्य घायल हो गए। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) समेत सभी प्रमुख पार्टियों ने अपने-अपने स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं को राहत एवं बचाव अभियान में मदद करने को कहा है।


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